२०२६ शीतला अष्टमी
बसोडा पूजा समर्पित अछि शीतला देवी आ होलीक बाद कृष्ण पक्ष अष्टमी पर मनाओल जाइत अछि। बसोड़ा केँ एहो नाम सँ जानल जाइत अछि। शीतला अष्टमी. सामान्यतः ई आठ दिनक बाद होइत अछि। होली मुदा बहुत लोक एकरा होलीक बादक पहिल सोमबार वा शुक्रबार मना करैत छथि। शीतला अष्टमी उत्तर भारतीय राज्यसभ जकाँ गुजरात, राजस्थान आ उत्तर प्रदेश मे बेसी लोकप्रिय अछि।.
बसोड़ा रीतिरिवाजक अनुसार परिवार सभ खाना पकाबय लेल आगि नहि जराइत अछि। तेँ अधिकांश परिवार एक दिन पहिने भोजन पका कऽ शीतला अष्टमी के दिन बासी भोजन करैत अछि। लोक मानैत छथि जे देवी शीतला चेचक, चिकनपॉक्स, खसरा आदि रोगक नियंत्रण करैत छथि आ लोक हुनकर पूजा करैत छथि जाहि सँ एहन रोगक प्रकोप सँ बचल रहथि।.
गुजरात में बसोड़ा जेकाँ रीति कृष्ण जन्माष्टमी सँ ठीक एक दिन पहिने मनाओल जाइत अछि आ एकरा शीतला सतम कहल जाइत अछि। शीतला सतम देवी शीतला केँ समर्पित अछि आ एहि दिन कोनो ताजा भोजन नहि पकौल जाइत अछि।.

